जब सभा (राज्य सभा) व्यवधान के कारण कार्य नहीं करती तो मेरा दिल दुखता है: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली
अप्रैल 29, 2019

हमारे विधानमंडलों की कार्यवाही में व्यवधान ने विधायी उत्पादकता और दक्षता को प्रभावित किया है;
उपराष्ट्रपति ने राज्य सभा सचिवालय के काम की सराहना की;
उपराष्ट्रसपति ने राज्य सभा टेलीविजन के यू-ट्यूब ग्राहकों की संख्या 2.5 मिलियन से अधिक हो जाने पर उसकी सराहना की।

29 अप्रैल, 2019 को नई दिल्लीक के संसदीय ग्रंथागार भवन के जीएमसी बालयोगी सभागार में राज्यन सभा दिवस समारोह का आयोजन किया गया जो राज्य सभा सचिवालय में प्रत्ये क वर्ष 3 अप्रैल को राज्यभ सभा दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। स्मरण रहे कि राज्यर सभा का गठन पहली बार 3 अप्रैल, 1952 को किया गया था। भारत के माननीय उपराष्ट्र पति और राज्यं सभा के सभापति श्री एम वेंकैया नायडु ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

1952 में अपनी स्थापना के बाद से राज्य सभा की शानदार यात्रा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "वर्षों से, राज्य सभा हमारी संसद के एक दूसरे जीवंत चैंबर के रूप में उभरी है, जो राष्ट्र निर्माण के हमारे कार्यों में योगदान दे रही है। । अपनी विविध भूमिकाओं के निष्पादन के माध्यम से राज्य सभा हमारे संविधान निर्माताओं की अपेक्षाओं पर खरी उतरी है।

श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र के सुचारू और प्रभावी कार्यकरन को बनाए रखने के लिए विधानमंडल सचिवालय और विधानमंडल एक-दूसरे के पूरक हैं। सचिवालय विधायी कार्यों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए सभा और संसद सदस्यों को आवश्यक सचिवालयी सहायता प्रदान करने में हमेशा मुस्तैद और सक्रिय रहता है, हमारी विधानमंडलों की कार्यवाही में बढ़ते व्यवधान ने विधायी उत्पादकता और दक्षता को प्रभावित किया है। जब व्यवधानों के कारण सभा कार्य नहीं करती तो मेरा दिल दुखता है।

उन्होंने पिछले बजट सत्र के समापन पर अपने द्वारा किए गए विदाई उद्गार का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'देश के लोग चाहते हैं कि हमारी सभा काम करने वाली सभा हो। केवल सदस्य ही इस महती सभा को काम करने वाली या काम न करने वाली सभा बना सकते हैं। यह सदस्यों पर निर्भर है। हम सभी को लोगों की उम्मीदों को ध्यान में रखना चाहिए और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करनी चाहिए।'

ऑफिस ऑटोमेशन और तकनीकी उन्नयन के संदर्भ में सचिवालय में हाल के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य सभा सचिवालय नवीनतम तकनीक के साथ तालमेल बैठा रहा है और कार्य की सुगमता और सहजता के मामले में सचिवालय को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं और प्रौद्योगिकी संचालित उपस्थिति प्रणाली, कार्य-प्रवाह और ई-ऑफिस को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।

संसद के बहु जातीय और बहुभाषी चरित्र का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्य सभा में अग्रणी प्रयास किए गए हैं जैसे कि सदस्यों को सभा में संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी 22 भाषाओं में बोलने के लिए भाषांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि सभा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा नियमों और प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।

श्री नायडु ने अगस्त 2017 से, जब उन्होंने राज्य सभा के सभापति का पदभार संभाला था, राज्य सभा टेलीविजन द्वारा अपनी सामग्री की गुणवत्ता और दर्शकों की संख्या के मामले में तेजी से प्रगति करने के लिए उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि अगस्त, 2017 में आरएसटीवी के यू-ट्यूब ग्राहकों की संख्या लगभग 4 लाख थी। इसने पिछले साल जून में एक मिलियन का आंकड़ा पार किया और इस साल फरवरी में दो मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया है। आरएसटीवी की यू-ट्यूब ग्राहक संख्या अब 2.5 मिलियन से अधिक है और अन्य प्रमुख चैनलों से बहुत आगे है। वस्तुतः अगस्त, 2017 से अब तक यू-ट्यूब ग्राहकों की संख्या में 500% से अधिक की वृद्धि हुई है जो एक सरहनीय उपलब्धि है।

उपराष्ट्रपति ने पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों, सभा और संसदीय समितियों को निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ सचिवालयी सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सभा सचिवालय के कर्मचारियों की सराहना की जिससे संसद के कार्यों में प्रगतिशील परिवर्तन को बल मिल सका और इस प्रकार हमारे लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण में योगदान मिला।

इस अवसर पर स्वागत भाषण श्री देश दीपक वर्मा, महासचिव, राज्य सभा द्वारा दिया गया और धन्यवाद ज्ञापन श्री मुकुल पांडे, अपर सचिव, राज्य सभा ने दिया। एक प्रसिद्ध परफोर्मिंग संस्थान कथक धरोहर के कलाकारों द्वारा 'इन्द्रधनुष', विभिन्न भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों का एक संयोजन, विषय पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

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