25 जनवरी, 2018 को नई दिल्ली में डॉ. साधना पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तक स्थानीय स्वशासन में आधी आबादी के विमोचन के अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया अभिभाषण

नई दिल्ली | जनवरी 25, 2018

मैं एक अनन्य समाज शास्त्रीय ग्रंथ के प्रकाशन के लिए डॉ. साधना पाण्डेय एवं हर्ष पब्लिकेशन्स के श्री जतिन भारद्वाज जी को हार्दिक बधाई देता हूं।

पुस्तक का शीर्षक एक सच्चाई प्रस्तुत करता है। वह यह है कि हम आज के आधुनिक जगत में भी स्त्री के योगदान की या तो उपेक्षा कर रहे हैं या उसके महत्व को पहचानने में कहीं भूल कर रहे हैं।

निस्संदेह भारत में प्राचीन काल से ही नारियों का स्थान उन्नत रहा है :-

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:”

यह हमारे देश की विचारधारा रही है। भगवान का एक स्वरूप अर्धनारीश्वर के रूप में है। यानी कि भगवद सृष्टि में आधा और अभिन्न भाग नारी है। परंतु दासता के युगों ने भारतीय उदात्त संस्कृति को अवनत किया और हमारी वैचारिकता को हीन बना दिया।

यह सब अशिक्षा के कारण हुआ है। परंतु आज का माहौल बदल रहा है। अब समय बदल रहा है।

साधना जी की पुस्तक एक आइना है। ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक जागरूकता एवं राजनीतिक सहभागिता का चित्र इस पुस्तक में प्रस्तुत किया है।

लेखिका महिलाओं के लिए बदलते आयामों और आज के युग में भी उनके सामने आने वाली बाधाओं को दर्शाने में काफी हद तक सफल हुई हैं।

किसी भी देश की तरक्की उसके नागरिकों की तरक्की से होती है और इस तरक्की या विकास में महिलाओं की सहभागिता होनी चाहिए।

लेखिका ने पुस्तक में समाज शास्त्र के साथ-साथ मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी, दर्शन और मानवशास्त्र का प्रशंसनीय समावेश किया है। यह विभिन्न रुचि वाले अनेक पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।

इस पुस्तक में लेखिका, समाज के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अर्धभाग की समस्या और उसके महत्व को प्रकट करती हैं और उसके लिए अपेक्षित कदम उठाने के लिए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।

मेरे विचार से यह पुस्तक नारी के योगदान को और गहराई से जानने का माध्यम है। यह पुस्तक लोकतंत्र के आदर्श और समदर्शी स्वरूप के दिशा-निर्देशन का एक उत्तम साधन है। यह ग्रंथ अवश्य ही भारत और भारतमाता का गौरव सिद्ध होगा। मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में भी ऐसी दृष्टिसाधिका रूप पुस्तकों का लेखन और प्रकाशन जारी रहेगा।

डॉ. साधना पाण्डेय जी को, एक बार फिर से, मेरा विशेष साधुवाद।