19 सितंबर, 2018 को रोमानिया, बुखारेस्ट में भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम की बैठक में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

बुखारेस्ट, रोमानिया | सितम्बर 19, 2018

"मैं यहां इस दोपहर में रोमानिया के प्रतिष्ठित अग्रणी व्यवसायियों की विशाल सभा में शामिल होकर प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ। यहां आपकी उपस्थिति व्यवसाय के अवसरों की खोज में आपकी निरंतर और नवीकृत रुचि की पुष्टि करती है। मुझे आशा है कि आज के दिन दोनों पक्षों के व्यवसाय अग्रणियों के बीच हुई बातचीत सार्थक रही है।

भारत-रोमानिया वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 2017-18 में 810 मिलियन अमरीकी डालर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष (575 मिलियन अमरीकी डालर) से 40% अधिक है। यह हमारे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक बड़ी छ्लांग है। हमें द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और अधिक उच्च स्तर तक ले जाने के लिए इस गति को बनाए रखने की आवश्यकता है।

भारत ने आर्थिक परिवर्तन के मार्ग पर आगे चलने की शुरुआत की है और यह रोमानिया के उद्यमियों के लिए कई क्षेत्रों में नए अवसर प्रस्तुत करता है। भारतीय अर्थव्यवस्था 8% से अधिक की दर से विकास कर रही है, जो किसी बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए विश्व की सबसे तेज़ विकास दरों में से एक है। भारत ने शेयर बाजार सूचकांक, विदेशी मुद्रा भंडार और बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी उपायों में सार्वजनिक निवेश में सकारात्मक बदलाव कायम रखा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास में सरकारी निवेश में तेजी से वृद्धि हुई है और यह हमारे देश में बेहतर रेलवे, सड़कों, हवाई अड्डों और नौवहन अवसंरचना में पहले से ही दिखाई दे रहा है।

हम 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमें विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनाएगा। विश्व बैंक के व्यवसाय सुगमीकरण सूचकांक में भारत 42 स्थान ऊपर आ गया है। हम मेक इन इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं, और हमारा सेवा क्षेत्र मजबूत और अत्याधुनिक बना हुआ है।

भारत की वित्तीय प्रणाली भी विश्व की सर्वोत्तम विनियमित वित्तीय प्रणालियों में से एक है। अब इसे विश्व के सबसे आकर्षक एफडीआई गंतव्यों में से एक के रूप में स्थान दिया जाता है। हमारे यहाँ एक ट्रिप्स (टीआरआईपीएस) अनुवर्ती बौद्धिक संपदा अधिकार(आईपीआर) व्यवस्था है और हमारे बहु-दलीय लोकतंत्र से आवश्यक स्थिरता और पूर्वानुमेयता सुनिश्चित होती है।

भारत के लिए एक पारदर्शी, आधुनिक और एकीकृत बाजार के रूप में उभरने के लिए विमुद्रीकरण और माल और सेवा कर (जीएसटी) को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न कोनों से व्यवसाय करने की ज्यादा सुगमता की सूचना आ रही है और देश भर में कर की दरें सुसंगत हैं। उन्होने यह भी कहा कि प्रत्यक्ष नकद लाभ अंतरण को समर्थ बनाते हुए पहली बार जन धन योजना के तहत 320 मिलियन से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं और ग्रामीण महिलाओं को लाखों एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं।

हमने स्वच्छ भारत अर्थात स्वच्छ भारत, कौशल भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट सिटीज विकास कार्यक्रमों सहित प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए हैं। मैं रोमानियाई कंपनियों को इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और इन प्रमुख लाभप्रद कार्यक्रमों से लाभ कमाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

आज, मैंने हमारे आर्थिक संबंधों पर विशेष जोर देते हुए भारत-रोमानिया बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने पर प्रधान मंत्री मैडम डांसिला के साथ सार्थक चर्चा की । हम दोनों इस बात के प्रति आश्वस्त हैं कि इस संबंध को और ऊंचाइयों तक ले जाने की अत्यधिक संभावना है।

हमारी अर्थव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण पूरकताएं हैं जिनका पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के लिए फायदा उठाया जा सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, भेषज, स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्रों में कई भारतीय कंपनियां रोमानिया में अपनी पहचान बना चुकी हैं। इन कंपनियों ने काफी अधिक निवेश किया है और स्थानीय समुदायों और अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए हजारों नौकरियां सृजित की है। मुझे बताया गया है कि जेनपैक्ट और विप्रो, प्रत्येक ने ने अपने यहाँ 4000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरियाँ दी हैं।

रोमानियाई कंपनियां भारत में भी काम कर रही हैं और रोमानिया से भारत में संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) अंतर्वाह लगभग 7.5 मिलियन अमरीकी डॉलर है। रोमानिया की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और विशाल भारतीय बाज़ार के बीच सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल्स, खनन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश अंतर्वाह के अवसर हैं। भारत रोमानिया के और अधिक निवेशकों का स्वागत करने के लिए तैयार है और मैं रोमानिया के उद्यमियों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

भारत नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी देशों में से एक देश के रूप में उभरा है और मेरी सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा के लिए एक महाभियान शुरू किया है। हमारा उद्देश्य 2022 तक 100 गीगावाट सौर ऊर्जा संस्थापित करना है। भारत में सौर ऊर्जा की कीमतों में रिकॉर्ड कमी आयी है और इस प्रकार हम पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौतों के अंतर्गत अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के करीब आ रहे हैं। इसलिए हम इस क्षेत्र में रोमानिया के लिए सबसे रोमांचक अवसरों में से एक अवसर प्रदान करते हैं।

इससे पहले इस शाम को बुखारेस्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ रोमानिया ने अग्रणी वाणिज्य संघों सीआईआई, एसोचैम और पीएचडीसीसीआई के साथ 3 सहमति ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिससे निश्चित रूप से व्यापार और निवेश क्षेत्रों में सूचनाओं का बेहतर और अधिक आदान-प्रदान होगा और सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।

अंत में, मैं आप सभी को भारत की रोमांचक और परिवर्तनगामी यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित करता हूं जिससे न सिर्फ भारत और रोमानिया के लिए बल्कि विश्व के लिए भी एक नए युग का सूत्रपात होगा। आओ हम एक मित्र लोकतांत्रिक भागीदार के साथ कई क्षेत्रों में रोमांचक और बढ़ते अवसरों को खोलने के लिए अपनी कल्पना शक्ति का उपयोग करें और एक वास्तविक, बहुआयामी भारत-रोमानिया भागीदारी का निर्माण करें।

धन्यवाद!"